Mutual Fund क्या है (in Hindi)

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Mutual Fund Meaning in Hindi

नमस्कार दोस्तों आज के इस article  मैं हम बात करने वाले हैं Mutual Fund क्या है (in Hindi) के बारे में तो चलिए जानते हैं (Mutual Fund Meaning in Hindi) के विषय में कि Mutual Fund क्या होता है और इसका मतलब क्या है?

 तो दोस्तों आजकल हर कोई चाहता है कि उसकी extra income हो या फिर अपनी savings को अच्छी जगह invest करके अच्छे returns पा सके। इसलिए लोग अलग-अलग जगह अपने पैसों को इन्वेस्ट करते हैं कोई share market में कोई real estate में कोई gold में या फिर FD में तो कोई सिर्फ बैंक में डिपॉजिट करके रखते हैं।

वहीं कुछ लोग कंफ्यूज रहते हैं कि अपने पैसे को कहां इन्वेस्ट करें तो उन लोगों के लिए mutual funds काफी अच्छा option है क्योंकि इसमें बहुत कम risk होता है। तो अब बात करते हैं की mutual funds का मतलब क्या होता है तो mutual  का मतलब होता है, दो या दो से ज्यादा लोग और funds का मतलब होता है पैसा

so, जब दो या दो से ज्यादा लोग एक ही उद्देश्य से पैसे लगाते हैं तो उसे कहते हैं mutual funds.  इसमें हम अपना पैसा AMC (Asset Management Company) को देते हैं जो हमारा पैसा अलग अलग जगह इन्वेस्ट करती है अपने experts की राय लेकर। और बाद में return का एक छोटा सा हिस्सा खुद रख लेती है और बाकी का हमें दे देती है।

Types of Mutual Fund

वैसे तो Mutual Funds कई प्रकार के होते हैं लेकिन आज हम दिन में जो मुख्य तीन हैं उनके बारे में  बात करेंगे:

1.Equity Mutual Funds

2.Debt  Mutual Funds

3.Hybrid Mutual Funds

1. Equity Mutual Funds:- 

अब देखते हैं कि Equity Mutual Funds  कौन से होते हैं। ये वो funds होते हैं जिनमें आपके पैसे stock market में इन्वेस्ट किए जाते हैं क्योंकि यह स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट किए जाते हैं तो जाहिर सी बात है कि इसमें जो रिटर्न मिलता है वह भी ज्यादा होता है और risk भी ज्यादा होता है अब बात करते हैं equity funds के type के बारे में :

a) Large Cap Equity Fund:

इस तरह के में mutual funds में आपका पैसा बड़ी कंपनी में लगाया जाता है जिससे इसमें हमें return भी कम मिलता है और risk भी कम होता है।

b) Mid/Small Cap Equity Fund:

ये वो funds होते हैं जिनमें आपके पैसे small or medium companies में लगाए जाते हैं और चुकी इन companies की growth के ज्यादा chances होते हैं इनमें return और risk भी ज्यादा होता है।

c) Diversified Equity Fund:

इस तरह कीmutual funds में पैसा तीनों small/mid and large companies में थोड़ा-थोड़ा लगाया जाता है ताकि अगर एक जगहloss भी हो तो दूसरी जगह से loss recover हो जाए।

d) Equity Linked Savings Schemes  (ELSS):  

यह एक special तरह का fund है जिसमें हमको जो भी profit or gain होता है उस पर 0% tax लगता है इसलिए इसमें हमारा पैसा ऐसी जगह invest  किया जाता है जहां पर risk or return दोनों ज्यादा होते हैं।

e) Sector Mutual Funds: 

यह एक ऐसा mutual fund है जिसमें specifically ऐसी companies में इन्वेस्ट किया जाता है, जो particularly एक sector से belong करती है जैसे agriculture sector हो गया। तो इसमें जो भी कंपनी इस sector में आती है सिर्फ उसी में invest किया जाएगा।

इसका एक example है : UTI Transportation and Logistics Fund तो इसमें की गई सारी investment logistics companies मैं ही की जाती है। और एक बात यह funds ज्यादा risky भी होते हैं क्योंकि जिस एक sector में investment की जाती है तो अगर वह सेक्टर गिर रहा है तो उस में आने वाली सारी companies भी गिरती चली जाती है।

f) Index Fund:

  और आखिरी है Index Fund. यह जो funds होते हैं वो passively managed funds होते हैं मतलब इसमें कोई AMC का  fund manager बैठकर ही नहीं दिख रहा होता कि अब हमें पैसे कहां डालने चाहिए या अब हमें यहां इन्वेस्ट करना चाहिए यह passively managed होते हैं यानी market का जैसे rate  ऊपर जा रहा है नीचे जा रहा है उसके हिसाब से यह भी ऊपर नीचे जाते रहते हैं यह Sensex और Nifty के price को देखकर ऊपर नीचे होते रहते हैं।

2. Debt Mutual Funds:

तो बात करते हैं Debt Mutual Funds के बारे में और इसके types के बारे में तो सबसे पहले जानते हैं कि mutual funds क्या होते हैं। Debt Mutual Funds वो mutual funds होते हैं जिनको debt instruments में invest किया जाता है। debt instruments क्या होते हैं जैसे Bonds हो गया Debentures हो गए या फिर Certificate of Deposit हो गया।

Bonds क्या होता है ?

तो अगर हम आसान भाषा में देखे तो इसका मतलब है कि जब  कभी government को पैसे की जरूरत होती है और बजट में से उसे पैसे नहीं मिल रहे होते तो उस condition में सरकार लोगों से पैसे borrow करती हैं।आसान भाषा में बोले तो government लोगों से loan लेती है और उसे ही bond बोला जाता है।

अब बात करते हैं Debt Mutual Funds के types  की :

a) Liquid Funds:

ये वो funds होते हैं जिनको जल्दी से जल्दी पैसे में convert कराया जा सकता है। Liquid का मतलब मैं भी यही होता है की जिसको आसानी से cash मैं convert कराया जा सके और इसको 1 से 2 दिन में cash में convert कराया जा सकता है और इस तरह के funds में कम से कम risk होता है इसको आप basically alternative समझ सकते हैं savings account का।

b) Gifts Funds:

अब बात करते हैं Gift funds की gift funds ऐसे funds होते हैं जिनमें हमारा पैसा government issued bonds में किया जाता है और चुकी सरकार हमारा पैसा borrow कर रही है तो इसमें risk भी zero होता है क्योंकि ऐसा कभी नहीं हो सकता कि सरकार हमारे पैसे ना लौटाए बस ज्यादा से ज्यादा यह हो सकता है कि interest rate ऊपर नीचे होता रहेगा।

c) Fixed Maturity Plan:

Fixed Maturity Plan  कि अगर हम बात करें तो basically  यह एक FD के alternative की तरह है क्योंकि इसमें FD जितना ही risk low होता है और इसमें specific time के लिए पैसा इन्वेस्ट किया जाता है और उससे पहले हम पैसे नहीं निकाल सकते। तो यह है कुछ main types debt mutual funds के। अब बात करते हैं अगले mutual funds के बारे में।

3. Hybrid Mutual Funds:

ये जो funds होते हैं वह debt और equity दोनों funds का mixture होते हैं क्योंकि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो चाहते हैं कि  वे अपना कुछ पैसा equity में invest करें और कुछ पैसा debt funds में invest करें तो वैसे लोगों के लिए होता है Hybrid Mutual Funds.अब बात करते हैं इसके types के बारे में।

a) Balanced Saving Funds (Equity Savings):

अगर हमारे ज्यादातर पैसेdebt funds में invested है तो हम कहेंगे Balanced Saving Funds इस condition में ratio होता है 70:30. इसका मतलब हमारे 70% funds deb में invested है और 30% funds equity में invested है।

b) Balanced Advantage Funds:

अभी  ऊपर हमने जिस फंड के बारे में पढ़ा है यह फंड उसके बिल्कुल opposite है।इसमें हमारा पैसा 70% equity में और 30% debt में invest किया जाता है।

 तो यह कुछ types होते हैं Hybrid Mutual Funds के।

Pros and Cons of Mutual Fund

Pros:

1. देखिए दोस्तों mutual funds का सबसे बड़ा advantage यह है कि यह पहले से ही है diversified है और diversify होने की वजह से आपका risk बहुत कम हो जाता है  क्योंकि आप कहीं एक अपना पूरा पैसा invest नहीं कर रहे हैं इसलिए कोई एक चीज अगर crash करेगी तो भी आपको ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। इसलिए stock market, gold और real estate के comparison में mutual fund less risky है। 

2. दूसरा सबसे बड़ा advanयह है कि यह affordable है आपको एक साथ ज्यादा पैसा नहीं देना होता। आप हर महीने छोटा-छोटा amount invest कर सकते हो।

3. सारे mutual funds की investment एक professional mutual fund expert करता है और वह descide करता है कि कहां investment करनी चाहिए और कहां नहीं करनी चाहिए तो यह काम आपको खुद नहीं करना पड़ता जो कि एक बहुत बड़ा advantage है कि expert आपके लिए काम करके देता है।

Cons:

1. अब बात करते हैं इसके Cons की और अभी जो हमने ऊपर इसका एक Pro पढ़ा जिसमें हमने देखा था कि experts हमारे behalf में इन्वेस्टमेंट करता है। वही इसका एक  वह disadvantage भी है क्योंकि इसमें हम एक अनजान आदमी को हमारे behalf में इन्वेस्टमेंट करने देते हैं क्योंकि हमको नहीं पता कि वह कैसा perform करेगा। हालांकि वह expert जरूर है लेकिन 100% भरोसा नहीं किया जा सकता कि expert भी हमेशा सही ही निकलेगा।

2. एक बहुत बड़ा disadvantage mutual funds  जो पहले हुआ करता था वह यह है कि पहले जो adgents होते थे वह बहुत ज्यादा commission charge करते थे हमारे behalf मैं investment  करने के लिए।

so, ये था Mutual Fund क्या है (in Hindi) और मैं उम्मीद करता हूं कि यह आपको समझ आ गया होगा और आपके सारे doubts भी solve हो गए होंगे। तो अगर आप भी इसी तरह बहुत सारी advance और unique तरीके से share market के बारे में सीखना चाहते हैं, तो आप follow कर सकते है hindilearners.com

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