6 Share Market Tips in Hindi

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आज हम बात करेंगे 6 Share Market Tips in Hindi के विषय में। Stock Market में सबसे यादगार लम्हा वह होता है जब आप अपना पहला investment करने जा रहे हैं। मुझे अच्छे से ध्यान है जब में पहली बार share खरीदने जा रहा था तो कितनी nervousness होती है and as a beginner हमें बहुत सारे stocks पसंद भी आते है but उनमे से share choose करना मुश्किल हो जाता है कि सबसे पहले कौन से share को खरीदें।

आप में से जिन लोगों ने already स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट किया है, तो आप लोगों को अपना पहला इन्वेस्टमेंट जरूर याद होगा and यह भी याद होगा कि कितना डर लगता है। जो लोग अपना पहला इन्वेस्टमेंट करने जा रहे हैं या जो लोग पहला स्टॉक खरीदने जा रहे हैं वह लोग specially इसको जरूर देखिए गा because इसमें मैं लाया हूं share market की ऐसी 6 tips जो आपको मदद करेंगे आपका पहला स्टॉक बहुत अच्छा सिलेक्ट करने में।

जो आपको देगा बहुत ज्यादा फायदा। तो मैं आपको बता दूं कि पहली tip बहुत basic होगी और जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते जाएंगे tips एडवांस होती जाएंगी and 6th tip जो है वह बहुत बहुत जरूरी है, तो पहले tips से शुरुआत करते हैं:

Share Market Tips And Tricks in Hindi
6 Share Market Tips in Hindi

1.Company’s Track-Record (कंपनीकाट्रैकरिकॉर्ड)

तो चलिए अब आगे देखते है की कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड क्या होता है? आप लोगो ने अक्सर देखा होगा की newspapers में आता रहता है कि आज RBI ने लगाई इस बैंक को फटकार, SEBIने लगाई इस कंपनी को फटकार ऐसे बहुत सारे न्यूज़ आते रहते हैं जिसमें कुछ चुनिंदा बैंक को या कुछ चुनिंदा companies को Stock Exchange, SEBI या RBI या और कई तरह के regulators उन पर या तो जुर्माना लगाते रहते हैं, या किसी ना किसी तरह की नोटिस भेजते रहते हैं।

 तो अगर कोई ऐसी कंपनी है जिसको बार-बार कोई गवर्मेंट बॉडी या तो फाइन लगा रही है या वार्निंग दे रही है। जैसे अगर आप banks के बारे में पढ़ेंगे तो कुछ दो चार banks ऐसे हैं जिनके साथ बार-बार irregularity पाई जाती है, जिनके साथ पाया जाता है कि इन्हीं दो चार बैंको ने बार-बार कुछ ना कुछ गलत किया है वहीं अगर हम कोटक महिंद्रा बैंक ले ले, एचडीएफसी बैंक ले ले तो इनका ज्यादा कुछ नहीं आता कि इन्होंने कभी कुछ गलत किया या कुछ irregular किया।

Solution:

so, अगर आप कोई कंपनी select कर रहे हैं अपने पहले stock के रूप में तो यह देख लीजिए कि क्या आपकी कंपनी बार-बार किसी ना किसी मामले में फंसती है सरकारी एजेंसी के खिलाफ। करना कुछ नहीं है, आपको आपकी कंपनी का नाम लिखना है और आगे गूगल में लिख देना है जैसे XYZ company fraud, XYZ company scam और जो भी उस company कि history रही होगी आपके सामने आ जाएगी हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि अगर कोई एक गलती पकड़ में आई है तो जरूर चार पांच गलतियां ऐसी रही होगी जो पकड़ में नहीं आई है और कभी ना कभी आएगी।

अब इसे थोड़ा उल्टा करके सोचिए  क्या आपने कभी देखा है कि Asian Paints को कोई प्रॉब्लम हुई कभी Colgate गलत कारण से न्यूज़ में आई हो नहीं, तो जो भी quality company होती है वह हमेशा हमेशा controversy फ्री रहती है और अगर कोई controversy आ रही है तो मान के चलिए आगे और बहुत सारी controversies आएगी तो ऐसी companies से दूर रहना ही सही है।

2.Management’s Track-Record (मैनेजमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड)

तो चलिए अब आगे देखते है की मैनेजमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड क्या होता है?  जरा सोचिए आप किसी कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे हैं and आपको यह डर सता रहा है कल को यह कंपनी बंद हो गई तो, जो कंपनी का owner वह मेरे पैसे लेकर भाग गया तो जैसे आशापुरा इंटिमेट्स नाम की कंपनी है जिसके owner काफी समय से मिसिंग है और उन्होंने investors के नाम लेटर लिखा है जिसमें उन्होंने माफी मांगी है investors का पैसा सही से manage ना कर पाने के लिए।

 तो कहीं आपकी company के साथ भी ऐसा तो नहीं हो जाएगा कहीं promotor या owner problem में फंस कर आपको मझदार में छोड़ तो नहीं देगा तो इस problem से बचने के लिए specially जब आप beginner है तो बहुत ज्यादा रेपुटेड owners वाली कंपनी ही चुने जैसे क्या आदि गोदरेज क्या आपका पैसा लेकर भाग सकते हैं क्या रतन टाटा आपका पैसा लेकर भाग सकते हैं बहुत-बहुत unlikely है तो as a beginner safe यही है कि हम उन  companies को चुने जिनके बारे में हम कई सालों से अच्छा अच्छा सुनते आ रहे हैं और जिनके owners को मार्केट और देश बहुत रिस्पेक्ट करता है ऐसे में आपका पैसा सुरक्षित रहेगा।

3. Low Debt Companies (कम ऋण वाली कंपनियां)

तीसरा point एक से example समझते हैं आपके पास दो businesses में पार्टनर बनने का option है, एक business है जो अच्छा खासा प्रॉफिट कमाता है and जिस पर कोई कर्जा भी नहीं है and दूसरा business है वह भी अच्छा खासा प्रॉफिट बनाता है but उस बिजनेस पर कर्जा काफी है तो अगर आप पार्टनर बन रहे हैं तो कल को आप के सर पर भी मुसीबत आ सकती है कि उस business का कर्जा आपको चुकाना पड़ सके तो ऐसे में आप कौन सा business करना पसंद करेंगे।

 ज्यादातर लोग जिस कंपनी में कोई कर्जा नहीं उसे चुनेंगे क्यों because अगर कोई कर्जा ना हो चाहे हमारी पर्सनल लाइफ में, हमारे business में, कहीं भी जब भी कर्जा सर पर हो तो टेंशन बनी रहती है तो चाहे स्टॉक मार्केट हो या पर्सनल लाइफ ज्यादा debt वाली कंपनियों से दूर रहें जितना debt free company रहेगी उसकी दिवालिया होने की chance उतनी कम रहती है जितना कम debt आपका investment उतना ज्यादा सुरक्षित। 6 Share Market Tips in Hindi के विषय में आप अपनी राय comments section में दे सकते है।

4. Growth in Sales and Profit (बिक्री और लाभ में वृद्धि)

तो चलिए अब Growth in Sales and Profit में देखते है की यह क्या होता है? Money Control में या screener.in पर जाकर आप जरूर देख लीजिए कि जो स्टॉक आपको पसंद आ रहा है उसका sales लगातार बढ़ रहा हो and उसका प्रॉफिट भी लगातार बढ़ रहा है।

दोनों का बढ़ना काफी जरूरी है अगर कोई एक बढ़ रहा हो तो वह काफी नहीं है जैसे अगर सिर्फ sale बढ़ रही है प्रॉफिट नहीं बढ़ रहा तो यह ज्यादा अच्छी बात नहीं है। इससे क्या पता चलता है कि company अपना मुनाफ़ा ना बढ़ाकर sales बढ़ाने पर जोर दे रही है यानी कंपनी का ध्यान मुनाफ़ा बढ़ाने में नहीं है।

 so, देखिए बिना मुनाफ़े के साथ तो sale कोई भी बढ़ा सकता है but सच में महान company, सच में बड़ी profitable company वो बन पाती  है जो sale के साथ-साथ अपना मुनाफ़ा भी बढ़ाते जाए। मुनाफ़ा कम करके तो कोई भी sale कर सकता है  नुक़सान में तो कोई भी बेच सकता है उसमें कौन सी बड़ी बात है। but आप दो example देखिए:

Example:

1.Eicher Motors या Page Industries इन के प्रोडक्ट खूब बिकने लगे but इन्होंने कभी भी अपने मार्जिंस में कंप्रोमाइज नहीं किया अपने profit पर कंप्रोमाइज नहीं किया इसीलिए यह share holders को मल्टीबैगर रिटर्न्स दे पाया। 

2.and दूसरा example लेते हैं कि sale तो नहीं बढ़ रही but profit बढ़ रहा है so, ऐसे में खतरे की घंटी है होती है कि कंपनी के products की demand limited है यानि की अगर वो 100 units बेच रही है तो 100 ही बेच पाएगी ऐसे में कोई भी कंपनी 100 unit बेचकर मुनाफ़ा कितना बढ़ा सकती है कितनी efficiency ला सकती है।

कितनी वो efficiency ला सकती है या कितना वह product सस्ते में बना सकती है उसकी एक सीमा है जब तक sale ना बड़े तब तक profit लगातार बहुत सालों तक नहीं बढ़ सकता कभी न कभी saturation आ जाएगा इसलिए sales और profit दोनों का बढ़ते रहना बहुत जरूरी है।

5. Return on Capital

6 Share Market Tips in Hindi में अब आगे पांचवा जरूरी point है Return on Capital. देखिए कई business ऐसे होते हैं जिनमें मार्जिन खूब होता है आपने ₹100 का सामान बेचा उसमें से ₹20 कमाया यानी 20% मार्जिन, तो यह देखने से अच्छा भी लगता है कि यह तो high मार्जिन business है but high मार्जिन business होना काफी नहीं हम business अच्छा है या बुरा वह ऐसे determine करते कि business में पैसा लगा कितना, उसको चालू करने में उसको चलाते रहने में total पैसा कितना लगा और उस पैसे में कितना return आया।

 because मार्जिन जो होता है वह सिर्फ sales पर होता है उस पर fixed cost include नहीं होती जैसे आपने खूब बड़ा सा plant डाला सीमेंट बनाने का तो जो नेट profit मार्जिन है वह आपको किस चीज पर दिखेगा की कितने रुपए में आपने sales किया और उसके पीछे आपको plant चलाने के खर्चे, labour की सैलरी देने के बाद कितना बचा वह आपका मार्जिन हो गया but आपको यह देखना है कि मेरा total पैसा लगा कितना Raw material ख़रीदने में सैलरी देने में plus plant बनाने में जमीन खरीदने में सरकार से लाइसेंस लेने में ये सब ख़रीदने में कितना खर्चा हुआ।

and उसके बाद कितना profit आया तो यह पता चलता है Return on Capital से यानी total पैसा जो मैंने invest किया business पर उस पर मुझे कितना profit हुआ तो ना सिर्फ net profit मार्जिन बल्कि Return on Capital भी business का अच्छा होना बहुत जरूरी है and वही सही नंबर है किसी business को अच्छा या बुरा ऐसा मापने का।

6. Customer Satisfaction (ग्राहक संतुष्टि)

6th point है Customer Satisfaction देखिए थोड़े समय के लिए 1 साल या 2 साल तक तो कोई भी product marketing से और because वह product नया है, innovative है तो बिक सकता है। so, ऐसे में उस hype में कहीं आप उस company से impress होकर वह share तो नहीं खरीद रहे।

तो यह जाँचने के लिए कि लंबे समय तक उस कंपनी के product popular होंगे कि नहीं, बिकते रहेंगे कि नहीं। जरूरी है की आप customer satisfaction को जाने की जो लोग उस company के product खरीद रहे हैं वह खुश है कि नहीं, वह दोबारा उसे खरीदेंगे कि नहीं तो अब आप यह कैसे जानेंगे। यह जानने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप ऐसी companies को चुने जिनके product आप खुद खरीदते हैं ताकि आप खुद customer review कर सके

so, ये थी 6 Share Market Tips in Hindi और उम्मीद करता हु की आपको यह पसंद आया होगा। तो अगर आप भी इसी तरह बहुत सारी advance और unique तरीके से stock investing सीखना चाहते हैं, तरह-तरह के method से stock valuation और stock pickingसीखना चाहते हैं तो आप follow कर सकते है hindilearners.com

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